Khatu Shyam Ji Chalisa & Mantra: Lyrics, Meaning, Benefits & पूजा विधि

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    खाटू श्याम जी, जिन्हें कलयुग का सबसे दयालु और तुरंत कृपा देने वाला देवता माना जाता है, आज लाखों भक्तों के जीवन का सहारा हैं। उनका मूल नाम बर्बरीक था, जो महाभारत के महान योद्धा भीम के पोते थे।
    मान्यता है कि कलयुग में जो भी सच्चे मन से श्याम बाबा को याद करता है, उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। इसलिए उन्हें “हारे का सहारा” कहा जाता है।आज के डिजिटल समय में भी भक्त खाटू श्याम जी चालीसा ऑनलाइन (Khatu shyam ji chalisa online) पढ़कर और सुनकर बाबा से जुड़ रहे हैं। चलिए इस छोटे से लेख के माध्यम से जानते हैं बाबा श्याम की चालीसा की महिमा के बारे में।

    खाटू श्याम जी कौन हैं? (Who is Khatu Shyam Ji in Hindi) 

    खाटू श्याम जी यानी बर्बरीक, भीम के पोते और घटोत्कच के पुत्र थे। वे बचपन से ही अत्यंत वीर और शक्तिशाली थे। उन्हें तीन अमोघ बाणों का वरदान प्राप्त था, जिससे वे किसी भी युद्ध का परिणाम बदल सकते थे।
    महाभारत युद्ध से पहले उन्होंने अपनी माँ को वचन दिया था कि वे हमेशा हारने वाले पक्ष का साथ देंगे। यह जानकर भगवान श्री कृष्ण ने उनसे दान में उनका शीश माँगा ताकि वो हारने वाली अधर्मी कौरव सेना का साथ ना दे सकें। बर्बरीक ने बिना संकोच अपना शीश दान कर दिया। इसीलिए उन्हें शीश का दानी भी कहा जाता है।

    उनकी इस महान भक्ति और त्याग से प्रसन्न होकर भगवान कृष्ण ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि वे कलयुग में श्याम नाम से पूजे जाएंगे।

    क्यों कहा जाता है “हारे का सहारा”? 

    खाटू श्याम जी को “हारे का सहारा” इसलिए कहा जाता है क्योंकि जो व्यक्ति जीवन में हार, दुख या निराशा से घिर जाता है, बाबा उसका सहारा जरुर बनते हैं। अगर व्यक्ति सच्चे मन से बाबा का सुमिरन करता है और श्याम चालीसा का पाठ करता है तो, 

    • व्यक्ति को हर परेशानी का समाधान मिलता है
    • जीवन में होने वाली हर हार जीत में बदल जाती है
    • व्यक्ति के जीवन में नई आशा का संचार होता है

     

    खाटू श्याम जी चालीसा में क्या है? 

    खाटू श्याम जी चालीसा एक पवित्र भक्ति स्तुति है जिसमें 40 चौपाइयाँ होती हैं। इसमें बाबा श्याम की महिमा, उनकी कृपा और उनकी शक्ति का वर्णन किया गया है। आजकल भक्त  khatu syam ji chalisa online पढ़कर या सुनकर भी नियमित पाठ करते हैं, लेकिन लिखित पुस्तक की महिमा कहीं अधिक है, इससे मन विचलित नहीं होता और एकाग्रता से भक्त इसका पाठ कर सकते हैं।

    Khatu Shyam Ji Chalisa Ke Lyrics

    ॥ दोहा ॥

    श्री गुरु चरणन ध्यान धर, सुमीर सच्चिदानंद।
    श्याम चालीसा बणत है, रच चौपाई छंद॥

    ॥ चौपाई ॥ 


    श्याम-श्याम भजि बारंबारा।
    सहज ही हो भवसागर पारा॥

    इन सम देव न दूजा कोई।
    दिन दयालु न दाता होई॥

    भीम सुपुत्र अहिलावाती जाया।
    कही भीम का पौत्र कहलाया॥

    यह सब कथा कही कल्पांतर।
    तनिक न मानो इसमें अंतर॥

    बर्बरीक विष्णु अवतारा।
    भक्तन हेतु मनुज तन धारा॥

    बासुदेव देवकी प्यारे।
    जसुमति मैया नंद दुलारे॥

    मधुसूदन गोपाल मुरारी।
    वृजकिशोर गोवर्धन धारी॥

    सियाराम श्री हरि गोबिंदा।
    दिनपाल श्री बाल मुकुंदा॥

    दामोदर रण छोड़ बिहारी।
    नाथ द्वारिकाधीश खरारी॥

    राधाबल्लभ रुक्मणि कंता।
    गोपी बल्लभ कंस हनंता॥

    मनमोहन चित चोर कहाए।
    माखन चोरि-चारि कर खाए॥

    मुरलीधर यदुपति घनश्यामा।
    कृष्ण पतित पावन अभिरामा॥

    मायापति लक्ष्मीपति ईशा।
    पुरुषोत्तम केशव जगदीशा॥

    विश्वपति जय भुवन पसारा।
    दीनबंधु भक्तन रखवारा॥

    प्रभु का भेद न कोई पाया।
    शेष महेश थके मुनिराया॥

    नारद शारद ऋषि योगिंदरर।
    श्याम-श्याम सब रटत निरंतर॥

    कवि कोदी करी कनन गिनंता।
    नाम अपार अथाह अनंता॥

    हर सृष्टी हर सुग में भाई।
    ये अवतार भक्त सुखदाई॥

    ह्रदय माहि करि देखु विचारा।
    श्याम भजे तो हो निस्तारा॥

    कौर पढ़ावत गणिका तारी।
    भीलनी की भक्ति बलिहारी॥

    सती अहिल्या गौतम नारी।
    भई श्रापवश शिला दुलारी॥

    श्याम चरण रज चित लाई।
    पहुंची पति लोक में जाही॥

    अजामिल अरु सदन कसाई।
    नाम प्रताप परम गति पाई॥

    जाके श्याम नाम अधारा।
    सुख लहहि दुःख दूर हो सारा॥

    श्याम सलोवन है अति सुंदर।
    मोर मुकुट सिर तन पीतांबर॥

    गले बैजंती माल सुहाई।
    छवि अनूप भक्तन मान भाई॥

    श्याम-श्याम सुमिरहु दिन-राती।
    श्याम दुपहरि कर परभाती॥

    श्याम सारथी जिस रथ के।
    रोड़े दूर होए उस पथ के॥

    श्याम भक्त न कही पर हारा।
    भीर परि तब श्याम पुकारा॥

    रसना श्याम नाम रस पी ले।
    जी ले श्याम नाम के ही ले॥

    संसारी सुख भोग मिलेगा।
    अंत श्याम सुख योग मिलेगा॥

    श्याम प्रभु हैं तन के काले।
    मन के गोरे भोले-भाले॥

    श्याम संत भक्तन हितकारी।
    रोग-दोष अध नाशे भारी॥

    प्रेम सहित जब नाम पुकारा।
    भक्त लगत श्याम को प्यारा॥

    खाटू में हैं मथुरावासी।
    पारब्रह्म पूर्ण अविनाशी॥

    सुधा तान भरि मुरली बजाई।
    चहु दिशि जहां सुनी पाई॥

    वृद्ध-बाल जेते नारि नर।
    मुग्ध भये सुनि बंशी स्वर॥

    हड़बड़ कर सब पहुंचे जाई।
    खाटू में जहां श्याम कन्हाई॥

    जिसने श्याम स्वरूप निहारा।
    भव भय से पाया छुटकारा॥

    Mantra  (मंत्र )

    श्याम सलोने संवारे, बर्बरीक तनुधार।
    इच्छा पूर्ण भक्त की, करो न लाओ बार॥

    खाटू श्याम चालीसा के लाभ (Benefits of Khatu Shyam Chalisa in Hindi)

    खाटू श्याम जी चालीसा का पाठ करने से केवल आंतरिक शान्ति ही नहीं मिलती बल्कि भक्त्त को अनेक प्रकार के भौतिक सुखों की प्राप्ति भी होती है।

    • श्याम चालीसा से जीवन के संकट दूर होते हैं
    • निरंतर पाठ से धन और समृद्धि में वृद्धि होती है
    • मानसिक शांति मिलती है और तनाव से राहत मिलती है 
    • नकारात्मक ऊर्जा आपके आस पास प्रवेश नहीं कर पाती है 
    • करियर और व्यवसाय में सफलता मिलती है
    • भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं

    नियमित रूप से khatu shyam ji chalisa का पाठ आपको बाबा श्याम के आशीर्वाद के समीप ले जाता है।

    खाटू श्याम चालीसा का महत्व (Significance of Khatu Shyam Chalisa in Hindi)

    चालीसा का सबसे बड़ा महत्व तो ये है कि आप जब रोजाना खाटू श्याम जी की महिमा का वर्णन करते हैं तो बाबा आपकी भक्ति को और मजबूत बनाते हैं। खाटू श्याम चालीसा न सिर्फ भक्ति की गाथा है बल्कि ये चालीसा साहित्यिक रूप से भी अत्यंत सुंदर है और इसके पाठन से आप बाबा श्याम के चरित्र को बहुत अच्छे से समझ पाते हैं और उनकी तरह आपके भीतर भी त्याग और साहस जैसी मानवीय भावनाओं का विकास होता है।

    खाटू श्याम चालीसा का पाठ कैसे करें? (Recite Khatu Shyam Chalisa in Hindi) 

    खाटू श्याम जी की पूजा और उनकी चालीसा का पाठ बहुत सरल है - 

    1. सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें
    2. बाबा श्याम की फोटो या मूर्ति के सामने दीपक जलाएं
    3. फूल और प्रसाद अर्पित करें (चूरमा बाबा श्याम को अति प्रिय है)
    4. चालीसा का पाठ करें या khatu syam ji chalisa online भी सुन सकते हैं
    5. अंत में अपनी मनोकामना बाबा के समक्ष व्यक्त करें
    6. प्रसाद सभी उपस्थित जनों में बाँट दें 

    पाठ करने का सही समय और दिन कौन सा है? (Right Time and Day to Recite Shyam Chalisa in Hindi)

    श्री श्याम चालीसा पढ़ने का सबसे उत्तम समय ब्रह्म मुहूर्त या शाम का समय होता है। वैसे तो हर भक्त को रोजाना चालीसा का पाठ करना चाहिए, लेकिन अगर नहीं कर सकते तो एकादशी का दिन सबसे उत्तम होता है। 
     
    तो आपने जाना कि खाटू श्याम जी की भक्ति जीवन में चमत्कारिक बदलाव ला सकती है। उनका चालीसा न केवल मन को शांति देता है, बल्कि जीवन की हर समस्या का समाधान भी हैं। अगर आप भी जीवन में किसी कठिनाई का सामना कर रहे हैं, तो आज ही श्रद्धा से khatu syam ji chalisa पढ़ना या सुनना शुरू करें और बाबा की कृपा का अनुभव करें।

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